सफलता के शिखर पर, कल भी आज भी''मधुर आवाज या मधुर गीत संगीत की बात हो तो सबकी जुबान पर सबसे पहले सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का नाम आता है. २८ सितम्बर को लता दीदी ८० साल की हो रही हैं, इस शुभ अवसर पर संगीत कंपनी सारेगामा ने आठ सी डी का एक पैक रिलीज़ किया है'' ८० ग्लोरियस ईयर ऑफ़ लता मंगेशकर--सफलता के शिखर पर, कल भी आज भी'' शीर्षक से. इस आठ सी डी के पैक में सन ४० के दशक से लेकर सन २००० तक के सभी लोकप्रिय गीत शामिल किये गये हैं, जिनमें ''जिया बेकरार है'' [बरसात - १९४९] ''लारा लप्पा लारा लप्पा''[ एक थी लड़की - १९५०] '' इन्हीं लोगो ने '' [पाकीजा - १९७१]'' प्यार किया तो डरना क्या'' [मुग़ल ए आजम-१९६०] ''बिंदिया चमकेगी'' [दो रास्ते- १९६९] ''देखा एक ख्वाब'' [सिलसिला -१९८१] '' चूडियाँ खनक गयी'' [लम्हें - १९९१] ''कुछ न कहो'' [ १९४२ ए लव स्टोरी -१९९४] आदि के अलावा अनेको ऐसे वो सदाबहार गीत हैं जिन्हें श्रोता हमेशा गुनगुनाना पसंद करते हैं. १२०० रूपए मूल्य पर उपलब्ध इस आठ सी डी के आकर्षक पैक में लता दीदी की आवाज में मधुर गीत तो हैं ही हैं इसके साथ --साथ एलबम की कई अन्य विशेषताएं भी हैं जैसे --इस सी डी का परिचय कराया है जाने माने निर्माता - निर्देशक यश चोपडा ने. उन्होंने ''लता दीदी'' के बारे में खुद एक लेख लिखा है. इसके अलावा लता दीदी की अलग-अलग आयु कुछ दुर्लभ तस्वीरे भी हैं, कुछ तस्वीरों में उनके साथ यश चोपडा भी हैंTuesday, October 13, 2009
८० ग्लोरियस ईयर ऑफ़ लता मंगेशकर
सफलता के शिखर पर, कल भी आज भी''मधुर आवाज या मधुर गीत संगीत की बात हो तो सबकी जुबान पर सबसे पहले सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का नाम आता है. २८ सितम्बर को लता दीदी ८० साल की हो रही हैं, इस शुभ अवसर पर संगीत कंपनी सारेगामा ने आठ सी डी का एक पैक रिलीज़ किया है'' ८० ग्लोरियस ईयर ऑफ़ लता मंगेशकर--सफलता के शिखर पर, कल भी आज भी'' शीर्षक से. इस आठ सी डी के पैक में सन ४० के दशक से लेकर सन २००० तक के सभी लोकप्रिय गीत शामिल किये गये हैं, जिनमें ''जिया बेकरार है'' [बरसात - १९४९] ''लारा लप्पा लारा लप्पा''[ एक थी लड़की - १९५०] '' इन्हीं लोगो ने '' [पाकीजा - १९७१]'' प्यार किया तो डरना क्या'' [मुग़ल ए आजम-१९६०] ''बिंदिया चमकेगी'' [दो रास्ते- १९६९] ''देखा एक ख्वाब'' [सिलसिला -१९८१] '' चूडियाँ खनक गयी'' [लम्हें - १९९१] ''कुछ न कहो'' [ १९४२ ए लव स्टोरी -१९९४] आदि के अलावा अनेको ऐसे वो सदाबहार गीत हैं जिन्हें श्रोता हमेशा गुनगुनाना पसंद करते हैं. १२०० रूपए मूल्य पर उपलब्ध इस आठ सी डी के आकर्षक पैक में लता दीदी की आवाज में मधुर गीत तो हैं ही हैं इसके साथ --साथ एलबम की कई अन्य विशेषताएं भी हैं जैसे --इस सी डी का परिचय कराया है जाने माने निर्माता - निर्देशक यश चोपडा ने. उन्होंने ''लता दीदी'' के बारे में खुद एक लेख लिखा है. इसके अलावा लता दीदी की अलग-अलग आयु कुछ दुर्लभ तस्वीरे भी हैं, कुछ तस्वीरों में उनके साथ यश चोपडा भी हैं"सामने गोविंदा हो तो आपका अभिनय खुद बा खुद बेहतर हो जाता है'' -- सुष्मिता सेन
खूबसूरत सुष्मिता सेन ने जब १९९४ में मिस यूनीवर्स का खिताब जीता तब सारे विश्व की निगाहें भारत की ओर उठ गयीं, इसके साथ साथ हिंदी फ़िल्मी दुनिया की निगाहें व उम्मीद सुष्मिता की ओर लग गयीं। उन्होंने फिल्म ''दस्तक'' से अपने अभिनय का सफ़र आरम्भ किया। तब से लेकर अब तक उन्होंने अनेको फिल्मों में काम किया है. अपने अभिनय व खूबसूरती के साथ साथ सुष अपने अफेयरो के लिए भी हमेशा चर्चा में रही हैं, लेकिन इस समय वो चर्चा में हैं क्योंकि जल्दी ही उनकी एक फिल्म रिलीज़ होने वाली है'' डू नॉट डिस्टर्ब''. निर्माता वाशु भगनानी की इस फिल्म ''डू नॉट डिस्टर्ब'' के निर्देशक हैं डेविड धवन, फिल्म में सुष्मिता के साथ हैं उनकी एक हिट फिल्म के हीरो गोविंदा, इनके अलावा रितेश देशमुख व लारा दत्ता भी हैं. सुष्मिता से पिछले दिनों बातें हुई उनकी इसी आने वाली फिल्म को लेकर. प्रस्तुत हैं कुछ अंश ---काफी लम्बे अरसे बाद आपकी यह फिल्म आयी हैं?
-- हाँ लेकिन अब दर्शको को एक के बाद एक मेरी कई फिल्में देखने को मिलेगीं, जिनमें सबसे पहले मैं बात करूगीं फिल्म ''डू नॉट डिस्टर्ब'' की। निर्देशक डेविड धवन की यह हास्य फिल्म है इसमें मेरे हीरो हैं गोविंदा,जिनके साथ मैं पहले भी काम कर चुकी हूँ। काफी पसंद की थी दर्शको ने हमारी जोड़ी। और अब इस फिल्म में भी हमारी जोड़ी उन्हें पसंद आएगी ऐसी मेरी उम्मीद है. निर्माता वाशु जी व निर्देशक डेविड के साथ भी मैं पहले काम कर चुकी हूँ.
गोविंदा के साथ आपने पहले भी काम किया है फिर दोबारा कैसा रहा उनके साथ काम करना?
-- बहुत ही अच्छा, जब आपके सामने ची ची हो तो आपका अभिनय अपने आप बेहतर हो जाता है और उस पर डेविड फिल्म का निर्देशन कर रहें हो तो फिर क्या कहने, इन दोनों की कैमिस्ट्री देखते ही बनती है।
इस फिल्म में लारा भी हैं सुनने में आया है आप दोनों के बीच कुछ इगो प्रोब्लम हो गयी थी?
--अच्छा क्या सच में? मुझे तो नहीं पता। आप लोग ही यह सब करते रहते हैं कब किसकी दोस्ती करवानी है? कब किसकी लड़ाई? ऐसी कोई भी बात नहीं मेरे और लारा के बीच नहीं है .
गोविंदा और आपके बीच भी कुछ प्रोब्लम चल रही थी?
--अगर मेरे और गोविंदा कुछ भी प्रोब्लम होती तो मैं यह फिल्म करती ही नहीं।
आपने कहा कि आपकी कई फिल्में आने वाली हैं बताईये, कुछ उनके बारें में?
--सबसे पहले तो यही आ रही है '' डू नॉट डिस्टर्ब'' फिर इसके बाद आएगी ''दूल्हा मिल गया'' जिसे अभिनेता अनुज सक्सेना की प्रोडक्शन कम्पनी ''मेवरिक'' प्रेजेंट कर रही है इस फिल्म में मेरे साथ शाहरुख़ खान व फ़रदीन खान हैं। फिर इसके बाद ''नॉ प्रोब्लम'' और ''तीन पत्ती'' आयेगीं. मेरी ये सभी फिल्में हास्य फिल्में हैं लेकिन सभी में मैंने अलग अलग तरह की भूमिकाएं की हैं.
आपके प्रोडक्शन की फिल्म ''रानी लक्ष्मी बाई'' का क्या हुआ?
--अभी फिलहाल तो काम रुका हुआ है मै अभी कुछ कह नहीं सकती इसके बारे में।
और ''बेनजीर भुट्टो''के बारें में क्या कहना है?
--यह बेनजीर भुट्टो के जीवन पर बन रही है इसलिए थोड़ी विवादास्पद फिल्म है, और इसे बनाते समय ''पाकिस्तान पीपुल पार्टी'' की सहमति की जरुरत भी है। हमारी तैयारी पूरी है. मैं ही बेनजीर का किरदार कर रही हूँ. इसकी शूटिंग दुबई , यू एस व ब्रिटेन में होगी.
--मीनाक्षी शर्मा
''मुझे पूरा यकीन है कि फिल्म ''डू नॉट डिस्टर्ब'' भी हिट होगी'' – गोविंदा
गोविंदा गोविंदा की फिल्मों का नाम लेते ही सबके चेहरे पर हसीं आ जाती है क्योंकि उनकी जितनी भी फिल्में आयी है उन सभी में भरपूर मनोरंजन होता है. और अगर गोविंदा के साथ डेविड धवन का नाम जुडा हो तो जैसे सोने पे सुहागा. गोविंदा व डेविड ने दर्शको को एक से बड़ कर एक पारिवारिक, मनोरंजक व हास्य फिल्में दी है जिनमे शोला और शबनम, हसीना मान जायेगी, दीवाना मस्ताना, अंदाज, आखें, राजा बाबू, सजान चले ससुराल, कुवारा, कुली नंबर १, जोड़ी नंबर १, छोटे मियां बड़े मियां व पार्टनर प्रमुख हैं. पार्टनर फिल्म के बारे में तो यह कहा जा सकता है कि इस फिल्म के द्वारा ही गोविंदा ने फिर से अपना करियर शुरू किया. इस समय गोविंदा चर्चा में है निर्माता वाशु भगनानी की फिल्म ''डू नॉट डिस्टर्ब'' को लेकर. बिग पिक्चर्स एंड पूजा इंटरटेनमेंट इंडिया लिमिटेड प्रेजेंट्स की इस फिल्म के निर्देशक हैं डेविड धवन. गोविंदा से मुलाकात हुई और बातें हुई उनकी इसी फिल्म को लेकर. प्रस्तुत हैं कुछ अंश ---''एनर्जी के लिए स्वीट''
राजधानी दिल्ली से गोविंदा की रात दस बजे की फ्लाईट थी जब वो एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि फ्लाईट दस की बजाय १० बज कर ४० मिनट की हो गयीं है. तो गोविंदा फ़ूड बार जा पहुंचें वहां जाकर उन्होंने एक पेस्ट्री और एक पानी की बोतल ली और बोले कि मै आज थक गया मेरी सारी एनर्जी ख़त्म हो गयी है एनर्जी को लेवल पर लाने के लिए कुछ मीठा तो खाना ही चाहिए. गोविंदा कि थकान वजह थी दिल्ली में हुई फिल्म ''डू नॉट डिस्टर्ब '' की प्रेस कांफ्रेंस. जिसमें शामिल होने के लिये गोविंदा ने सुबह ९ बज कर ३५ मिनट की फ्लाईट मुंबई से दिल्ली की ली. आप समझ ही सकते हैं कि इसके लिए उन्हें सुबह कितने बजे उठना पड़ा होगा, और फिर दिल्ली पहुँच कर दो घंटे चली प्रेस कांफ्रेंस फिर उसके बाद एक एक चैनल व अखबार के साथ इंटरव्यू का सिलसिला रात ९ बजे तक चला. तो इतनी भाग दौड़ के बीच बेचारे गोविंदा को कुछ खाने पीने का मौका ही नहीं मिला तो बेचारे मीठा तो खायेगें ही है न।''चतुर्वेदी दरोगा की प्रभावशाली भूमिका है मेरी'' -- ओम पुरी
अभिनेता ओम पुरी ने जब भी किसी भूमिका को अभिनीत किया है तो पूरी तरह से उसमें डूबकर। तभी तो उन्हें अभिनय के लिए दो बार राष्ट्रीय पुरुस्कार, फिल्म फेयर अवार्ड, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड व पद्मश्री जैसे अनेको सम्मानीय अवार्ड मिलचुके हैं, रिद्धि सिद्धि द्वारा प्रस्तुत फिल्म ''बाबर'' में उन्होंने फिर एक बार दरोगा की भूमिका अभिनीत की है अब तक वो ३० बार पुलिस ऑफिसर की भूमिका कर चुके हैं फिल्म ''बाबर'' में भी वो दरोगा बने हैं. पिछले दिनों नॉएडा के मारवाह स्टूडियो में इसी फिल्म के सिलसिले में उनसे बातचीत हुई.प्रस्तुत हैं कुछ अंश-''बाबर'' में एक बार फिर पुलिस के दरोगा बने है क्या कोई ख़ास वजह इसकी?
ख़ास वजह तो यही है कि मैं फिर से पुलिस वाला बना हूँ फिल्म ''बाबर में, पता नहीं अभी कितनी बार और बनूंगा।
अर्धसत्य से लेकर अब तक आप अनेको बार पुलिस वाले की भूमिका कर चुके हैं कैसा रहा अब तक का सफ़र?
-फिल्म ''अर्धसत्य'' से शुरू हुआ पुलिस की भूमिका का यह सफ़र बहुत ही अच्छा रहा। मैंने अच्छे व बुरे दोनों ही तरह के पुलिस ऑफिसर की भूमिका की है. ''अर्धसत्य'' में मैं ईमानदार पुलिस ऑफिसर बना था जबकि इस फिल्म ''बाबर'' में भ्रष्ट दरोगा बना हूँ, जो कि अपराधी की मदद करता है उसके साथ बैठ कर चाय पिता है. बाद में उसे अपने रास्ते से हटाने से भी झिझकता नहीं हैं. मजा आया चतुर्वेदी के चरित्र को अभिनीत करके. वास्तव में ऐसे दरोगा होते हैं.
फिल्म ''बाबर'' की कहानी बताइए?
-यह कहानी है एक ऐसे लड़के बाबर की, जो कि १२ साल की छोटी सी उम्र में हत्या कर देता है और अपराध के इस सफर मे चलते हुए वो माफिया बन जाता है।
इस फिल्म में आपके साथ मिथुन दा भी है, कैसा रहा उनके साथ काम करके?
आपकी कौन कौन सी फिल्में आने वाली हैं?
-''लन्दन ड्रीम्स'' ,''रोड टू संगम'', ''वांटेड'' व इस प्यार को क्या नाम दूं'' मेरी आने वाली फिल्में हैं।
आपको राष्ट्रीय पुरुस्कार, फिल्मफेयर, पदमश्री व लाइफ टाइम अचीवमेंट आदि अनेको अवार्ड मिल चुके हैं अब क्या चाहते है?
-अभी बहुत सारे अवार्ड बचे हैं जैसे जैसे मिलेगें तब मैं उसके में बात करूगां, अभी नहीं.
''कहीं आपका नाम डॉली तो नहीं''
''कहीं आपका नाम डॉली तो नहीं''आप सभी ने फिल्म '' डू नॉट डिस्टर्ब'' का वो एड तो देखा ही होगा जिसमें अभिनेता गोविंदा एक नहीं बल्कि कई बार ''डॉली'' नाम बोलते हैं. गोविंदा के मुहं से अपना नाम सुनकर वो सभी लडकियाँ बहुत ही खुश थीं जिनका नाम कि नाम ''डॉली'' है. लेकिन अब सब डॉली नाराज व गुस्से में हैं क्योंकि उनका नाम सभी लोग बोल बोल कर छेड़ने लगें हैं वो भी एक बार नहीं बल्कि कई बार, अब सारी ''डॉलीया'' गोविंदा से मिलना चाहती हैं.मेरी और बोबी की जोड़ी अच्छी लगी है--- कंगना
कंगना रानावत ने फिल्मों में आने से पहले दिल्ली के ''अश्मिता थियेटर ग्रुप'' के साथ कुछ नाटक किये और फिर मुंबई की ओर कदम रखा जहाँ उन्होंने आशा चंद्रा के अभिनय स्कूल से तीन महीने का अभिनय कोर्स किया. मुंबई में ही निर्देशक अनुराग बासु ने उन्हें एक काफी शॉप मे देखा और अपनी फिल्म ''गैंगस्टर'' मे मुख्य भूमिका के लिये ऑफर किया।
